बेज्जती वाला Tournament
हम और हमारे Tournaments * स्कूल से टूर्नामेंट में जाना किसे पसन्द नहीं होता। हर एक विद्यार्थी का सपना होता है की वो अपने स्कूल को रिप्रेजेंट करे। यह पहली बार नही था कि हम लोग कही टूर्नामेंट गए। अक्सर हम खेल में भाग लेते हैं और जीत हासिल करते हैं। लेकिन इस बार टूर्नामेंट कुछ अलग था। हमारे ग्रुप के सभी खिलाड़ी ने कुछ नया खेल चुना। चयन करना और निभाना दोनो मे बहुत अंतर है। हम लोग बिना तैयारी मैदान मे पहुंचे। परिणाम हमारे सामने था। पर फिर भी हम एक आशा से मैदान मे उतरे। पहले दिन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ धूम धाम से। प्रेड हुई एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए । सबसे पहले 100 m रेस से प्रतियोगिता का प्रारम्भ हुआ। हमनें बहुत बुरी तरीके से पहली रेस को हरा पर फिर भी हमे शर्म न आई। शाम हुई दिन ढलने वाला था और दिन की सभी प्रतियोगिता समाप्त हुई और हमने एक भी प्रतियोगिता नहीं जीती। हम देर रात तक घर लौटे। सुबह फिर छः बजे हम मैदान में पहुंचे परन्तु कल की तरह आज फिर हमारा स्कोर शून्य था। ऐसे चलते तीन दिन बीते और प्रतियोगिता का आखिरी दिन था। हम बिना शर्म से मैदान में पहुंचे और एक बार फिर...
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